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झारखंड-बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर: बैलेंस अचानक क्यों घटा, और आप क्या देखें

रांची के ज़्यादातर घरों में अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग चुका है, और बिहार में बिलिंग बदलाव के बाद कई लोगों का बैलेंस अचानक माइनस हो गया। क्या हुआ और आप क्या जाँचें।

अगर हाल में आपके मोबाइल पर बिजली का बैलेंस माइनस में दिखा, और आपको पक्का यकीन है कि इतनी बिजली खर्च ही नहीं हुई, तो आप अकेले नहीं हैं। झारखंड हो या बिहार, स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब रोज़ की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है, और इसके साथ कुछ झटके भी आए हैं। यहाँ सीधी भाषा में बताया है कि खबरों में असल में क्या आया, और अपनी तरफ से आप क्या देख सकते हैं।

अभी क्या स्थिति है

  • झारखंड: JBVNL की वेबसाइट के मुताबिक मार्च 2026 तक RDSS योजना के तहत 7,25,687 स्मार्ट मीटर लग चुके थे। इनमें 7,23,442 उपभोक्ताओं के मीटर, 1,359 ट्रांसफॉर्मर मीटर और 886 फीडर मीटर हैं।
  • रांची: टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार शहर के करीब 4,30,000 कनेक्शन में से लगभग 4,10,000 पर स्मार्ट मीटर लग गया था, बाकी 20,000 बदले जा रहे थे। JBVNL ने जून में रिकॉर्ड 104 करोड़ रुपये की वसूली का श्रेय इन्हीं मीटरों को दिया।
  • बिहार: दैनिक जागरण (दरभंगा) और टाइम्स नाउ नवभारत की खबरों के मुताबिक NBPDCL के कई प्रीपेड उपभोक्ताओं के खाते से एक साथ बड़ी रकम कटी। कंपनी का कहना था कि सॉफ्टवेयर बदलने के बाद तकनीकी दिक्कत से जून-जुलाई का फिक्स्ड चार्ज हर महीने नहीं कट पाया, इसलिए अगस्त में एक साथ काटा गया। कंपनी ने इस असुविधा के लिए खेद भी जताया।

बैलेंस अचानक क्यों घट जाता है

प्रीपेड स्मार्ट मीटर सिर्फ खर्च हुई यूनिट का पैसा नहीं काटता। आपके टैरिफ के हिसाब से फिक्स्ड चार्ज, डिमांड चार्ज और दूसरे एडजस्टमेंट भी इसी से कटते हैं। जब कई महीनों का यह हिसाब एक साथ जुड़ जाए, जैसा बिहार में हुआ, तो कम खपत वाले महीने में भी बैलेंस तेज़ी से गिर जाता है। रांची में JBVNL ने बताया कि बैलेंस खत्म होते ही बिजली अपने-आप कट जाती है, और रिचार्ज के करीब 30 मिनट में वापस आ जाती है।

बैलेंस गड़बड़ लगे तो क्या करें

  • पहले SMS या ऐप में कटौती का ब्योरा पढ़ें। देखें कि पैसा फिक्स्ड चार्ज, बकाया या एडजस्टमेंट के नाम पर कटा है।
  • पुराने बिल से मिलाएँ। खपत वही हो और रकम अचानक बढ़ जाए, तो शिकायत ज़रूर करें।
  • बैलेंस, रिचार्ज रसीद और मैसेज के स्क्रीनशॉट संभालकर रखें।
  • शिकायत अपनी बिजली कंपनी के आधिकारिक ऐप, पोर्टल या 1912 हेल्पलाइन पर दर्ज करें।
  • खासकर छुट्टी और वीकेंड से पहले थोड़ा अतिरिक्त बैलेंस रखें।

अब घर की वायरिंग और भी मायने रखती है

स्मार्ट मीटर आपकी खपत बहुत बारीकी से दर्ज करता है। ऐसे में मीटर के बाद वाली वायरिंग पर एक नज़र डालने का यह सही वक्त है:

  • अपना स्वीकृत लोड जानें। AC, गीज़र या मोटर बढ़ गए हों, तो आपका असल लोड आवेदन वाले लोड से ज़्यादा हो सकता है।
  • लीकेज पर नज़र रखें। पुरानी, सीलन वाली या कटी-फटी वायरिंग से करंट अर्थ में लीक हो सकता है। मेन लाइन पर लगा RCCB ऐसे लीकेज पर ट्रिप कर जाता है। इससे लोग सुरक्षित रहते हैं और गड़बड़ी भी पकड़ में आ जाती है।
  • भारी लोड बाँटें। किचन, AC और गीज़र के लिए सही रेटिंग के MCB के साथ अलग सर्किट हों, तो ट्रिपिंग की वजह ढूँढना आसान हो जाता है।
  • बिजली बचाने वाले उपकरण लें। LED लाइट और BLDC पंखे रोज़ की यूनिट घटाते हैं।

बिल का विवाद बिजली कंपनी से ही सुलझेगा। मीटर के बाद अपनी तरफ का स्विचगियर ठीक करवाना हो, तो रांची का ATRICL पूरे झारखंड और बिहार में MCB, RCCB, डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड, Ledure और Greatwhite लाइटिंग और Khul BLDC पंखे सप्लाई करता है।

यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। बिजली का कोई भी काम योग्य, लाइसेंसधारी इलेक्ट्रीशियन से ही करवाएँ। ATRICL GeM-रजिस्टर्ड है।

स्रोत

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